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मंगलवार, 8 सितंबर 2026
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फूड warning labels पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विवाद: “दो nutrients” वाली शर्त पर आपत्ति

Health activists ने प्रस्तावित front-of-pack warning system पर अदालत में आपत्ति दर्ज की है। उनका तर्क है कि सिर्फ एक nutrient में high products warning से बच सकते हैं; सरकार phased approach का बचाव कर रही है।

पैक्ड फूड पर nutrition label का प्रतिनिधि दृश्य

भारत में packaged food के front-of-pack warning labels को लेकर विवाद Supreme Court तक पहुंच गया है। Reuters के मुताबिक health activists ने प्रस्तावित नियम के खिलाफ formal objection दाखिल की है।

आपत्ति किस बात पर है?

प्रस्तावित व्यवस्था में red hexagonal warning तब लगेगी जब किसी product में added sugar, salt और saturated fat में से कम-से-कम दो nutrients तय सीमा से ऊपर हों। Activists का कहना है कि इससे ऐसा product जिसमें केवल sugar बहुत ज्यादा है, warning से बच सकता है।

सरकार क्या कह रही है?

सरकार phased approach का बचाव कर रही है। Reuters के मुताबिक stricter individual nutrient warnings को बाद के चरण में लाने की बात कही गई है, हालांकि उसके लिए सार्वजनिक timeline स्पष्ट नहीं है।

अभी फैसला नहीं हुआ है

यह अदालत में दाखिल आपत्ति है, Supreme Court का अंतिम फैसला नहीं। इसलिए इसे “सरकार का नियम रद्द” या “court ने label बदल दिया” कहना गलत होगा। आगे court proceedings और regulator की final notification पर नजर रहेगी।