9 सितंबर से राष्ट्रीय पोषण माह: इस बार आंगनवाड़ी की जवाबदेही और community ownership पर फोकस
वाराणसी से शुरू होने वाले 9वें Rashtriya Poshan Maah की theme “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” है। नए guidelines में Anganwadi Management Committees, hot cooked meals और menu boards पर जोर है।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 9 सितंबर को वाराणसी से 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 की शुरुआत करेगा। इस साल की theme “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” रखी गई है और अभियान का फोकस केवल awareness पर नहीं, community ownership और accountability पर भी है।
क्या नया है?
मंत्रालय के मुताबिक हाल में जारी guidelines के तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में Anganwadi Management Committees के गठन और संचालन को गति दी जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानीय समुदाय को केंद्र की सेवाओं, पोषण व्यवस्था और शुरुआती बाल विकास से अधिक सीधे जोड़ना है।
भोजन व्यवस्था में क्या बदला?
Revised Supplementary Nutrition Programme guidelines में पहली बार hot cooked meals को स्पष्ट रूप से define किया गया है और SNP menu boards को mandatory बनाया गया है। इससे लाभार्थियों और परिवारों के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि केंद्र पर किस तरह का भोजन और पोषण सहायता उपलब्ध है।
PMMVY के 10 साल
इस साल अभियान Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana के दस वर्ष पूरे होने को भी mark करेगा। यह scheme मातृत्व लाभ और maternal nutrition से जुड़ी सहायता प्रदान करती है।
क्यों महत्वपूर्ण है?
पोषण अभियान का असली असर केवल launch event से नहीं मापा जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों में staffing, food quality, monitoring, community participation और last-mile delivery ही तय करेंगे कि नई accountability व्यवस्था जमीन पर कितनी प्रभावी बनती है।