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स्मृति मंधाना बनीं महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी रन मशीन: मिताली राज का रिकॉर्ड पीछे, 64 गेंदों पर 124 रन

हांगकांग के खिलाफ विस्फोटक शतक के साथ मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनीं। रिकॉर्ड के मायने समझिए।

भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना

भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने दिग्गज मिताली राज के 10,868 रनों के आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए अपने कुल रन 10,880 तक पहुंचा दिए।

रिकॉर्ड कैसे बना?

हांगकांग के खिलाफ मुकाबले में मंधाना ने केवल 64 गेंदों पर 124 रन की आक्रामक पारी खेली। उनकी पारी में 14 चौके और सात छक्के शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने न केवल सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि अपना 18वां अंतरराष्ट्रीय शतक भी पूरा किया।

इस शतक के साथ मंधाना ने मेग लैनिंग और लॉरा वोल्वार्ट के 17 अंतरराष्ट्रीय शतकों के आंकड़े को भी पीछे छोड़ा। भारत ने 193 रन बनाए और मुकाबले में जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह पक्की की। गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट लेकर जीत को आसान बनाया।

यह उपलब्धि क्यों बड़ी है?

मिताली राज का रिकॉर्ड वर्षों से महिला क्रिकेट में निरंतरता का मानक माना जाता था। मंधाना ने इसे ऐसे समय पीछे छोड़ा है जब महिला क्रिकेट का कैलेंडर तेजी से बढ़ा है और हर प्रारूप में प्रतिस्पर्धा अधिक हुई है। सलामी बल्लेबाज होने के कारण उन्हें नई गेंद, शुरुआती स्विंग और आक्रामक फील्डिंग का सामना करना पड़ता है।

उनकी बल्लेबाजी की खासियत केवल तेजी नहीं, बल्कि अलग परिस्थितियों में खेल बदलने की क्षमता है। बाएं हाथ की बल्लेबाज होने से वह गेंदबाजों की लाइन बिगाड़ती हैं और पावरप्ले में भारत को शुरुआती बढ़त दिलाती हैं।

मंधाना का सफर

2013 में भारत के लिए पदार्पण करने वाली मंधाना ने धीरे-धीरे टीम की बल्लेबाजी का केंद्र बनने तक का सफर तय किया। वह दुनिया की प्रमुख टी20 लीगों में खेल चुकी हैं और पिछले वर्ष तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।

उनका रिकॉर्ड इस बात का भी संकेत है कि भारतीय महिला क्रिकेट का प्रदर्शन और लोकप्रियता दोनों बढ़ रहे हैं। नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए अब करियर लंबा करने, फिटनेस बनाए रखने और अलग प्रारूपों में विशेषज्ञता विकसित करने के अधिक अवसर हैं।

आगे कौन सा लक्ष्य?

अब नजर इस पर रहेगी कि मंधाना अपने रिकॉर्ड को कितनी दूर ले जाती हैं। अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम, विश्व टूर्नामेंट और टीम की बदलती रणनीति उनके आंकड़ों को नया आकार देंगे। भारत के लिए ज्यादा अहम यह होगा कि उनकी व्यक्तिगत लय बड़े नॉकआउट मुकाबलों में टीम की जीत में बदले।

यह रिकॉर्ड एक व्यक्तिगत शिखर जरूर है, लेकिन इसका प्रभाव पूरे खेल पर पड़ेगा। मैदान पर ऐसी पारी दर्शकों को जोड़ती है और मैदान के बाहर महिला क्रिकेट के निवेश, प्रसारण और जमीनी ढांचे को मजबूत करती है।