भारत ने 14-15 अक्टूबर को पहला ASEAN-भारत रक्षा थिंक टैंक मंच आयोजित किया, जिसमें भारत और सभी ASEAN सदस्य देशों के विशेषज्ञ शामिल हुए। विषयों में समुद्री क्षेत्र जागरूकता, interoperability, underwater cooperation, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत, साइबर, अंतरिक्ष, मानव रहित प्रणालियां और रक्षा उद्योग सहयोग शामिल हैं।
यह मंच पहले घोषित रक्षा थिंक टैंक संवाद को संस्थागत रूप देता है। यह संधि संस्था या सैन्य कमान नहीं, बल्कि ज्ञान और नीति संवाद का माध्यम है। इसका महत्व साझा अवधारणाएं, शोध नेटवर्क और नीति विकल्प विकसित करने में है।
सिविल सेवा परीक्षा के लिए यह Act East Policy और ASEAN centrality से जुड़ता है। Indo-Pacific में रक्षा सहयोग अब पारंपरिक सुरक्षा के साथ HADR, समुद्री जागरूकता और गैर-पारंपरिक सुरक्षा को भी समेटता है।