भारत और मेक्सिको ने वरीयता व्यापार समझौते (PTA) की वार्ता औपचारिक रूप से शुरू कर दी है और वार्ता के दायरे तथा रोडमैप को तय करने वाले Terms of Reference पर सहमति की है। यह कदम जून 2025 में कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम के बीच बनी समझ के बाद आया है।
वार्ता में वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच, मूल नियम, सीमा शुल्क प्रक्रिया और व्यापार सुगमता, स्वच्छता व पादप-स्वच्छता उपाय, तकनीकी व्यापार बाधाएं, विवाद निपटान और व्यापार उपचार शामिल हैं। ये प्रावधान केवल टैरिफ रियायत नहीं, बल्कि इस बात को भी तय करेंगे कि कंपनियां किसी भविष्य के समझौते का व्यावहारिक उपयोग कैसे कर सकेंगी।
मेक्सिको भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह उत्तर अमेरिकी और वैश्विक विनिर्माण मूल्य शृंखलाओं में गहराई से जुड़ा है। भारत ने ऑटोमोबाइल, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां, कृषि-खाद्य, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, चिकित्सा उपकरण और उन्नत विनिर्माण को सहयोग के संभावित क्षेत्रों के रूप में पहचाना है।
PTA व्यापक मुक्त व्यापार समझौते से संकरा होता है। इसमें आमतौर पर चुने हुए उत्पादों पर बातचीत से टैरिफ प्राथमिकताएं दी जाती हैं, अधिकांश व्यापार बाधाओं को समाप्त नहीं किया जाता। इसलिए आर्थिक प्रभाव उत्पाद कवरेज, टैरिफ अंतर, मूल नियम और वास्तविक उपयोग पर निर्भर करेगा।
यह वार्ता भारत की व्यापार साझेदारियों में विविधता और निर्यात बाजार तथा आपूर्ति-शृंखला एकाग्रता जोखिम कम करने की व्यापक रणनीति से भी जुड़ती है। अभी समझौता संपन्न या लागू नहीं हुआ है; वार्ता शुरू हुई है।