15 सित॰ 2026
अंग्रेज़ीसंपर्क
TheIndiqa.
आज क्या हुआ, और आपको क्या जानना चाहिए.
खोजें
कारोबार

भारत की खुदरा महंगाई अगस्त में 4.82%: अब दबाव सिर्फ खाने-ईंधन तक सीमित नहीं

जुलाई में CPI 4.45% थी। अगस्त में core inflation भी बढ़कर 4.2% हुई, जिससे RBI की अगली नीति बैठक पर नजर और बढ़ गई है।

भारत की खुदरा महंगाई अगस्त में 4.82%: अब दबाव सिर्फ खाने-ईंधन तक सीमित नहीं
THE INDIQA HINDI / संपादकीय ग्राफिक

भारत की वार्षिक खुदरा महंगाई अगस्त में बढ़कर 4.82% हो गई। यह Reuters poll के 4.80% अनुमान से थोड़ा ऊपर और जुलाई के 4.45% से अधिक है।

दबाव व्यापक हुआ

महंगाई में तेजी सिर्फ food और transport से नहीं आई। कपड़े, household goods और education जैसी श्रेणियों में भी price pressure बढ़ा।

Core inflation, जिसमें volatile food और fuel components को अलग किया जाता है, 3.86% से बढ़कर 4.2% हुई।

RBI के लिए संकेत

RBI ने पिछले महीने policy rate 5.25% पर स्थिर रखा था। लेकिन broad-based inflation और महंगा crude आने वाले महीनों में rate hike की संभावना बढ़ा सकते हैं।

स्रोत Reuters ↗
पाठक संवाद और संपादकीय समीक्षा

इस लेख पर अपनी बात रखें

अपनी टिप्पणी लिखें, तथ्य या संपादकीय समस्या बताएं, या यह बताएं कि लेख आपके लिए कितना उपयोगी रहा।

पाठक टिप्पणियां

सार्वजनिक टिप्पणियां संपादकीय समीक्षा के बाद दिखाई जाती हैं।

टिप्पणियां लोड हो रही हैं…

क्या यह लेख उपयोगी था?

एक विकल्प चुनें। अतिरिक्त विवरण देना वैकल्पिक है।

लेख में समस्या बताएं

रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती। यह सीधे संपादकीय समीक्षा में जाती है।

आगे पढ़ें

आपके लिए संबंधित लेख

इसी विषय और हाल के घटनाक्रम से जुड़े लेख।

Fed और Bank of Japan के फैसलों से पहले एशियाई बाजार सतर्क, तेल और bond yield ने जोखिम बढ़ाया
अर्थव्यवस्था

अमेरिकी फेड और बैंक ऑफ जापान के फैसलों से पहले एशियाई बाजार सतर्क, तेल और बॉन्ड प्रतिफल ने जोखिम बढ़ाया

Markets Fed से 25 basis-point hike की करीब 90% संभावना और BOJ से शुक्रवार को 1.25% तक rate बढ़ने की उम्मीद देख रहे हैं।

रुपया 95.80 के अहम स्तर पर दबाव में: तेल और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल से RBI की अगली परीक्षा
अर्थव्यवस्था

रुपया 95.80 के अहम स्तर पर दबाव में: तेल और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल से RBI की अगली परीक्षा

बाजार में 95.80 प्रति डॉलर को निकट अवधि का अहम स्तर माना जा रहा है। इससे नीचे टिकाव हुआ तो 96 का स्तर चर्चा में आ सकता है।