दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा, दक्षिण में उत्तर-पूर्व मानसून वर्षा शुरू
IMD के अनुसार 15 अक्टूबर को मौसमी संक्रमण हुआ और तमिलनाडु सहित दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में उत्तर-पूर्व मानसून वर्षा गतिविधि शुरू हुई।
IMD के अनुसार 15 अक्टूबर को मौसमी संक्रमण हुआ और तमिलनाडु सहित दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में उत्तर-पूर्व मानसून वर्षा गतिविधि शुरू हुई।
पैकेज में Leh Airport का नया passenger terminal, 298-किमी Nimmu-Padum-Darcha road और भारत का पहला Petroglyph Conservation Park शामिल है।
भाषाविदों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों ने दस्तावेजीकरण, डिजिटल संरक्षण और जनजातीय भाषाओं के संवर्धन का रोडमैप तैयार करना शुरू किया।
Thulagi, Lower Barun, Lumding Tsho और Hongu 2 में lake-level reduction, monitoring, early warning और community resilience उपायों को जोड़ा गया है।
पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो गई है। लेकिन देश के कई हिस्सों में इस मौसम की बारिश अब भी सामान्य से कम है, जबकि पूर्वी भारत में नया मौसम तंत्र भारी बारिश ला सकता है।
कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है। देर की वर्षा कुछ फसलों को लाभ दे सकती है, लेकिन कटाई, शहरी जलभराव और पहाड़ी आपदाओं का जोखिम भी बढ़ाती है।
तेजी से पिघलते हिमनद जल, कृषि, जलविद्युत और आपदा प्रबंधन - चारों पर असर डाल सकते हैं।