10 September को Brent crude $100 प्रति barrel से ऊपर बना रहा, क्योंकि Strait of Hormuz के आसपास tanker attacks और shipping disruptions ने supply को लेकर चिंता बढ़ा दी. बाजार की चिंता केवल कुछ cargoes के नुकसान तक सीमित नहीं है. अगर physical supply उपलब्ध भी रहे, तब भी shipping, insurance और freight costs लंबे समय तक प्रभावित रह सकते हैं.
भारत के लिए इसका असर सीधे अर्थव्यवस्था तक पहुंचता है. महंगा crude import bill बढ़ा सकता है, current account और rupee पर दबाव डाल सकता है और आगे चलकर fuel, transport तथा broader inflation में असर दिखा सकता है. Fiscal impact इस बात पर निर्भर करेगा कि झटका taxes, subsidies या retail prices में कितना absorb किया जाता है.
Strait of Hormuz इस कहानी के केंद्र में है क्योंकि global oil और LNG trade का बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है. इसलिए वहां disruption Gulf से बहुत दूर देशों को भी प्रभावित कर सकता है. यही वजह है कि यह energy security, macroeconomics और geopolitics - तीनों की story है.


