केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर क्लिनिकल प्रतिष्ठानों में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं की दरें स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कराने संबंधी लागू प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने को कहा है। जहां केंद्रीय Clinical Establishments ढांचा लागू है, वहां दरों का प्रदर्शन स्थानीय भाषा और अंग्रेजी में स्पष्ट स्थान पर होना चाहिए।
12 अक्टूबर का कदम पारदर्शिता और मौजूदा नियमों के अनुपालन से जुड़ा है; यह पूरे देश के लिए नई समान मूल्य-सूची या मूल्य नियंत्रण नहीं है। स्वास्थ्य राज्य सूची का विषय है और जिन राज्यों में केंद्रीय अधिनियम लागू नहीं है वहां उनके अपने नियामक ढांचे लागू होते हैं। Medical या AYUSH Visa पर आने वाले विदेशी मरीजों के लिए पैकेज दरें भी स्पष्ट रूप से दिखाने को प्रोत्साहित किया गया है।
सिविल सेवा परीक्षा के लिए यह विषय राज्य विषय में सहकारी क्रियान्वयन, उपभोक्ता सूचना और स्वास्थ्य नियमन को जोड़ता है। मूल्य पारदर्शिता सूचना असमानता और बिल संबंधी विवाद कम कर सकती है, लेकिन इससे कीमत का स्तर, वहनीयता, गुणवत्ता या बीमा कवरेज अपने आप नियंत्रित नहीं होते।