Environment
राष्ट्रीय कार्यशाला ने तटीय लचीलापन को मैंग्रोव, सीग्रास, प्रवाल और आजीविका से जोड़ा
दो-दिवसीय GCF-ECRICC कार्यशाला जलवायु-संवेदनशील तटीय समुदायों के लिए पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन और अनुकूलन रणनीतियों पर केंद्रित है।
THE INDIQA Research Desk
प्रकाशित: 30 अक्टू॰ 2026
अपडेट: 31 अक्टू॰ 2026
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दो-दिवसीय GCF-ECRICC कार्यशाला जलवायु-संवेदनशील तटीय समुदायों के लिए पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन और अनुकूलन रणनीतियों पर केंद्रित है।
GCF-ECRICC परियोजना मैंग्रोव, तटीय जलग्रहण, सीग्रास, साल्ट मार्श और प्रवाल के पुनर्स्थापन को आजीविका से जोड़ती है।
सिविल सेवा की तैयारी में केवल घोषणा नहीं, बल्कि क्रियान्वयन, साक्ष्य, संस्थागत क्षमता और नीतिगत संतुलन पर ध्यान दें।
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