केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और दिल्ली की मुख्यमंत्री ने 13 अक्टूबर को आनंद विहार में प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की और शास्त्री पार्क में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के AI-सक्षम Integrated Command and Control Centre का निरीक्षण किया। 13 नए Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations शुरू किए गए और 150 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई।
ICCC का उद्देश्य वायु गुणवत्ता, धूल नियंत्रण स्थलों, शोर, औद्योगिक उत्सर्जन, पराली घटनाओं, नागरिक शिकायतों और प्रवर्तन वाहनों से जुड़ा डेटा एक मंच पर लाना है। आनंद विहार में यातायात, सड़क धूल, निर्माण गतिविधि, कचरा और खुले में जलाना प्रमुख स्रोत बताए गए। ये कदम निगरानी क्षमता मजबूत करते हैं, पर इससे दिल्ली की संरचनात्मक प्रदूषण समस्या समाप्त नहीं मानी जा सकती।
सिविल सेवा परीक्षा के लिए दिल्ली वायु प्रदूषण बहु-स्रोत और बहु-क्षेत्राधिकार समस्या है। बेहतर सेंसर और AI लक्षित कार्रवाई में मदद कर सकते हैं, लेकिन वास्तविक उत्सर्जन कटौती के लिए परिवहन, धूल, कचरा, उद्योग और क्षेत्रीय पराली प्रबंधन पर समन्वित कार्रवाई जरूरी है।