भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 15 अक्टूबर को घोषणा की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से वापस हो गया है। इसी समय तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा केरल-माहे में उत्तर-पूर्व मानसून वर्षा गतिविधि शुरू हुई।
यह संक्रमण जलवायु की दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर-पूर्व मानसून दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत, विशेषकर तमिलनाडु, के लिए प्रमुख वर्षा ऋतु है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी केवल कैलेंडर तारीख पर नहीं, बल्कि वर्षा और वायुमंडलीय परिस्थितियों पर आधारित होती है।
सिविल सेवा परीक्षा के लिए इसे मौसमी पवन परिवर्तन, retreating monsoon, बंगाल की खाड़ी की प्रणालियों और दक्षिण-पूर्व भारत की अलग वर्षा जलवायु से जोड़ें। पूरे देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का अर्थ पूरे भारत में वर्षा समाप्त होना नहीं है।