केंद्र ने संकेत दिया है कि लद्दाख के लिए नया Article 371(K) विचार के दायरे में हो सकता है, जबकि केंद्र शासित प्रदेश के संवैधानिक और राजनीतिक safeguards पर बातचीत जारी है. यह प्रस्ताव महत्वपूर्ण है क्योंकि Article 371 के तहत पहले से कई राज्यों को अलग तरह की संवैधानिक सुरक्षा मिली हुई है. लेकिन लद्दाख के मामले में चर्चा अभी negotiation stage में है और कोई नया संवैधानिक प्रावधान लागू नहीं हुआ है.
मुद्दा सिर्फ नए Article का नाम नहीं है. लद्दाख के समूह जमीन और सरकारी नौकरियों पर मजबूत सुरक्षा, अधिक लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और स्थानीय संस्थाओं को अधिक अधिकार चाहते रहे हैं. किसी भी समझौते की असली अहमियत इस बात से तय होगी कि वह सत्ता के संतुलन में वास्तविक बदलाव लाता है या केवल सीमित protections तक रहता है.
UPSC के लिए Article 371 और Sixth Schedule का फर्क समझना जरूरी है. Article 371 संविधान के asymmetric federal arrangements का हिस्सा है, जबकि Sixth Schedule कुछ अधिसूचित tribal areas में autonomous district और regional councils का ढांचा देता है. लद्दाख की मांग दोनों frameworks के संदर्भ में चर्चा में रही है, लेकिन कानूनी रूप से दोनों एक जैसे नहीं हैं.




