केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा संहिता के ढांचे के तहत असंगठित कामगारों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड और गिग एवं प्लेटफॉर्म कामगारों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन किया है। अधिसूचना गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों के लिए ऐसा औपचारिक राष्ट्रीय संस्थागत मंच बनाती है जो कल्याण योजनाओं की सिफारिश, समीक्षा और निगरानी कर सकता है।
गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों वाले बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री करेंगे और इसमें केंद्र व राज्य सरकारों, एग्रीगेटरों, नियोक्ताओं और कामगारों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। आधिकारिक अधिसूचना वर्ष में कम-से-कम तीन बैठकों की भी अपेक्षा करती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि प्लेटफॉर्म काम पारंपरिक नियोक्ता-कर्मचारी श्रेणियों से अलग है और पोर्टेबिलिटी, योगदान व्यवस्था, कामगार पहचान तथा अनेक डिजिटल प्लेटफॉर्मों के बीच जवाबदेही जैसे प्रश्न उठाता है।
सिविल सेवा की तैयारी में मुख्य अंतर संस्थान के गठन और स्वतः लाभ वितरण के बीच है: बोर्ड की अधिसूचना से हर गिग कामगार का हर सामाजिक-सुरक्षा योजना में स्वतः नामांकन नहीं होता। शासन की वास्तविक चुनौती प्रतिनिधित्व और सिफारिशों को पोर्टेबल लाभ, विश्वसनीय कामगार डेटाबेस, स्पष्ट वित्तीय जिम्मेदारी और शिकायत निवारण में बदलना है।