पीएम-किसान की 24वीं किस्त के तहत 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों को ₹18,690 करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस भुगतान के साथ योजना के तहत संचयी अंतरण ₹4.64 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। पीएम-किसान पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से सालाना ₹6,000 तीन किस्तों में देता है।
यह योजना DBT की प्रशासनिक क्षमता दिखाती है: राष्ट्रीय स्तर पर मानकीकृत लाभ सत्यापित लाभार्थी खातों में सीधे पहुंचाया जा सकता है और भुगतान की मध्यस्थ परतें घटती हैं। लेकिन आय सहायता अकेले फसल-मूल्य अस्थिरता, सिंचाई की कमी, छोटे जोत आकार, इनपुट लागत या जलवायु जोखिम का समाधान नहीं कर सकती।
सिविल सेवा के लिए पीएम-किसान को फसल बीमा और सरकारी खरीद से अलग समझना चाहिए। यह आय-सहायता साधन है। इसलिए इसका मूल्यांकन लाभार्थी पहचान, भूमि अभिलेखों की गुणवत्ता, बहिष्करण जोखिम, राजकोषीय लागत और कृषि उत्पादकता व जोखिम प्रबंधन की व्यापक नीतियों के साथ किया जाना चाहिए।