अप्रैल-सितंबर 2026 के केंद्र सरकार के खातों में कुल प्राप्तियां ₹18,35,422 करोड़ रहीं, जो बजट अनुमान का 50.3% है, जबकि कुल व्यय ₹25,49,835 करोड़ यानी बजट अनुमान का 47.7% रहा। पूंजीगत व्यय ₹6,54,547 करोड़ और राज्यों को कर-वितरण ₹6,99,409 करोड़ रहा।
छमाही राजकोषीय आंकड़े केवल कुल खर्च नहीं, बल्कि व्यय की संरचना और गति भी दिखाते हैं। पूंजीगत व्यय अवसंरचना और भविष्य की उत्पादक क्षमता को समर्थन दे सकता है, जबकि कर-वितरण राज्यों की वित्तीय क्षमता और उप-राष्ट्रीय सरकारों द्वारा लागू सेवाओं को प्रभावित करता है।
सिविल सेवा के लिए बजट-क्रियान्वयन प्रतिशत को राजकोषीय घाटे के अनुपात से नहीं मिलाना चाहिए। सही विश्लेषण प्राप्तियों, राजस्व व पूंजीगत व्यय, उधारी जरूरत और केंद्र-राज्य अंतरण को अलग-अलग देखता है और पूछता है कि व्यय का समय मैक्रो-स्थिरता तथा सार्वजनिक निवेश दोनों लक्ष्यों के अनुरूप है या नहीं।