सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के त्वरित अनुमान के अनुसार सितंबर 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक साल-दर-साल 6.7% बढ़ा। सूचकांक 124.3 रहा, जबकि एक वर्ष पहले यह 116.5 था।
सूचकांक का सबसे बड़ा घटक विनिर्माण 7.6% बढ़ा। बिजली और गैस आपूर्ति में 11.2% वृद्धि हुई, जबकि खनन और उत्खनन 6.2% घटा। जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन में 5.8% वृद्धि हुई। शीर्षक वृद्धि दर अगस्त के 8.0% त्वरित अनुमान से कम रही।
विनिर्माण के 23 दो-अंकीय उद्योग समूहों में से 17 ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। विद्युत उपकरण, मोटर वाहन और रबर-प्लास्टिक प्रमुख योगदानकर्ताओं में रहे। उपयोग-आधारित वर्गीकरण में पूंजीगत वस्तुएं 10.4%, मध्यवर्ती वस्तुएं 12.2%, अवसंरचना व निर्माण वस्तुएं 7.2%, उपभोक्ता टिकाऊ 6.0% और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ 1.4% बढ़े।
शीर्षक संख्या जितनी ही महत्वपूर्ण उसकी संरचना है। पूंजीगत और मध्यवर्ती वस्तुओं की मजबूती निवेश व उत्पादन गति का संकेत दे सकती है, जबकि कमजोर खनन बताता है कि विस्तार सभी क्षेत्रों में समान नहीं है। त्वरित अनुमान स्रोत एजेंसियों से संशोधित डेटा आने पर बदल सकते हैं, इसलिए एक महीने को पूर्ण प्रवृत्ति नहीं मानना चाहिए।
आर्थिक विश्लेषण में सितंबर के आंकड़े 2026-27 की पहली छमाही में विनिर्माण गति की ओर संकेत करते हैं, लेकिन इसकी स्थिरता घरेलू मांग, निर्यात परिस्थितियों, इनपुट लागत और वैश्विक तेल कीमतों के प्रभाव पर निर्भर करेगी।