New Delhi summit से पहले BRICS negotiators West Asia crisis पर मतभेद कम करने की कोशिश कर रहे हैं. यह challenge group के expansion का एक बड़ा परिणाम दिखाता है: BRICS अब अधिक regional interests, strategic partnerships और security priorities का प्रतिनिधित्व करता है. इसलिए consensus ज्यादा valuable भी हो गया है और हासिल करना ज्यादा कठिन भी.
Host के रूप में भारत की भूमिका इस diplomacy को और महत्वपूर्ण बनाती है. New Delhi को group की relevance बनाए रखनी है, लेकिन declarations इतने diluted भी नहीं होने चाहिए कि उनका अर्थ ही कमजोर पड़ जाए. साथ ही भारत को Gulf states, Israel और Iran के साथ अपने अलग-अलग रिश्तों को भी संतुलित करना है.
UPSC के लिए BRICS को केवल economic acronym की तरह नहीं देखना चाहिए. यह बदलते international order में minilateral और plurilateral diplomacy का उदाहरण है, जहां emerging powers अधिक global voice चाहते हैं, लेकिन हर crisis पर उनका worldview एक जैसा नहीं होता.

