अप्रैल-जून तिमाही में भारत की वास्तविक GDP सालाना आधार पर 7.8% बढ़ी, यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने दी। यह RBI के 7% अनुमान से अधिक रही और खपत, निवेश तथा सरकारी खर्च ने वृद्धि को सहारा दिया।
लेकिन अधिक ताजा फैक्ट्री संकेत उतना सहज नहीं है। HSBC India Manufacturing PMI जुलाई के 53.5 से घटकर अगस्त में 52.8 रह गया। यह पांच साल में परिचालन स्थितियों में सबसे धीमा सुधार है। उत्पादन और नए ऑर्डर की रफ्तार कम हुई और लगभग ढाई साल में पहली बार फैक्ट्री रोजगार घटा।
इन दोनों आंकड़ों में विरोधाभास नहीं है। GDP पूरी अर्थव्यवस्था की एक तिमाही की गतिविधि मापती है, जबकि PMI मासिक सर्वे है और ऑर्डर या कारोबारी माहौल बदलने पर जल्दी संकेत दे सकता है। पहला आंकड़ा बताता है कि FY27 की शुरुआत मजबूत रही। दूसरा बताता है कि यह मजबूती हर हिस्से में समान नहीं है।
अब सितंबर के ऑर्डर और रोजगार बताएंगे कि अगस्त की कमजोरी अस्थायी थी या मांग में व्यापक नरमी की शुरुआत।