प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 11 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS Leaders' Summit से पहले मुलाकात की. बातचीत में trade, energy, defence और bilateral cooperation के दूसरे क्षेत्रों पर चर्चा हुई.
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि India-Russia संबंध एक साथ दो दबावों के बीच चल रहे हैं. भारत के लिए रूस defence और energy का महत्वपूर्ण partner है, लेकिन Ukraine war और Western sanctions ने इस रिश्ते को diplomatically ज्यादा complex बना दिया है. Russian crude भी भारत के oil imports का बड़ा हिस्सा बना हुआ है.
भारत के लिए असली policy question सिर्फ Moscow के साथ संबंध जारी रखने का नहीं, बल्कि civil nuclear energy, fertilizers, manufacturing, railways, steel और critical minerals जैसे क्षेत्रों में संबंधों को diversify करने का है, जबकि New Delhi US, Europe और Indo-Pacific partners के साथ भी अपने रिश्ते गहरे कर रहा है.

