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अंतरराष्ट्रीय संबंध और भू-राजनीति

मोदी-पुतिन की दिल्ली में बैठक: trade, energy और defence agenda के केंद्र में

BRICS summit से ठीक पहले हुई bilateral meeting में तेल, defence ties, nuclear cooperation और trade diversification प्रमुख मुद्दे रहे.

Narendra Modi and Vladimir Putin in a previous bilateral meeting - file photo
Prime Minister’s Office / Wikimedia Commons - Government Open Data Licence India

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 11 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS Leaders' Summit से पहले मुलाकात की. बातचीत में trade, energy, defence और bilateral cooperation के दूसरे क्षेत्रों पर चर्चा हुई.

यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि India-Russia संबंध एक साथ दो दबावों के बीच चल रहे हैं. भारत के लिए रूस defence और energy का महत्वपूर्ण partner है, लेकिन Ukraine war और Western sanctions ने इस रिश्ते को diplomatically ज्यादा complex बना दिया है. Russian crude भी भारत के oil imports का बड़ा हिस्सा बना हुआ है.

भारत के लिए असली policy question सिर्फ Moscow के साथ संबंध जारी रखने का नहीं, बल्कि civil nuclear energy, fertilizers, manufacturing, railways, steel और critical minerals जैसे क्षेत्रों में संबंधों को diversify करने का है, जबकि New Delhi US, Europe और Indo-Pacific partners के साथ भी अपने रिश्ते गहरे कर रहा है.

सिविल सेवा अध्ययन दृष्टि

इस मुद्दे को परीक्षा की दृष्टि से समझें

सामान्य अध्ययन -IIसामान्य अध्ययन -III India-Russia relations और strategic autonomy प्रारंभिक परीक्षा: Medium मुख्य परीक्षा: High

संक्षिप्त सार

मोदी-पुतिन meeting ने BRICS summit से पहले energy, defence, trade और strategic autonomy को फिर India-Russia policy के केंद्र में ला दिया है.

खबर में क्यों

BRICS summit से पहले मोदी और पुतिन ने नई दिल्ली में bilateral talks की.

प्रारंभिक परीक्षा के मुख्य तथ्य

  • Russia BRICS का member है.
  • भारत treaty alignment की जगह strategic autonomy की policy पर जोर देता है.

मुख्य शब्द

  • India-Russia relations
  • BRICS
  • strategic autonomy
  • energy security
  • defence cooperation

मुख्य परीक्षा के आयाम, चुनौतियां और नीतिगत पक्ष

  • प्रतिस्पर्धी power blocs के बीच strategic autonomy
  • Energy security और defence dependence
  • पुरानी strategic partnership का diversification

भारत के लिए महत्व

यह बातचीत भारत की energy security, defence supply chains और strategic manoeuvre की गुंजाइश से सीधे जुड़ी है.

ध्यान रखने योग्य बात

BRICS कोई military alliance नहीं है.

संभावित अभ्यास प्रश्न

भारत रूस के साथ अपनी legacy strategic partnership और Western तथा Indo-Pacific powers के साथ बढ़ते संबंधों के बीच संतुलन कैसे बनाए?

त्वरित पुनरावृत्ति

  • Russia BRICS का member है.
  • भारत treaty alignment की जगह strategic autonomy की policy पर जोर देता है.
  • प्रतिस्पर्धी power blocs के बीच strategic autonomy
  • Energy security और defence dependence
  • पुरानी strategic partnership का diversification
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स्रोत Reuters ↗
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