30 सित॰ 2026
अंग्रेज़ीसंपर्क
TheIndiqa™.
आज क्या हुआ, और आपको क्या जानना चाहिए.
⌕ खोजें
दुनिया

Xi की India visit diplomatic thaw को आगे बढ़ा सकती है, लेकिन business ties पर mistrust अब भी भारी है

BRICS summit के लिए expected visit सात साल में Xi Jinping की पहली India trip होगी, लेकिन visas, investment screening और technology concerns full reset को सीमित कर रहे हैं.

व्हाट्सऐप पर साझा करें
Prime Minister Narendra Modi and Chinese President Xi Jinping at Mamallapuram in 2019 - file photo
Prime Minister's Office / Wikimedia Commons - GODL India

Chinese President Xi Jinping के BRICS summit के लिए भारत आने की उम्मीद है. यह सात साल में उनकी पहली India visit होगी. Border standoff से पैदा हुए वर्षों के तनाव के बाद दोनों देशों के बीच धीरे-धीरे diplomatic thaw दिखा है, और यह visit top-level political signalling के लिए महत्वपूर्ण मौका दे सकती है.

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि economic relations 2020 से पहले की स्थिति में लौट आए हैं. भारत Chinese investment, technology exposure और visas को अभी भी national-security lens से देखता है. दोनों देशों के businesses market access और supply-chain dependence को लेकर uncertainty का सामना कर रहे हैं.

सबसे महत्वपूर्ण फर्क diplomatic stabilisation और strategic trust के बीच है. दो देश meetings, flights या commercial channels बहाल कर सकते हैं, लेकिन unresolved boundary, technology dependence और Indo-Pacific competition से पैदा हुई structural rivalry खत्म होना अलग बात है.

स्रोत Reuters ↗
पाठक संवाद और संपादकीय समीक्षा

इस लेख पर अपनी बात रखें

अपनी टिप्पणी लिखें, तथ्य या संपादकीय समस्या बताएं, या यह बताएं कि लेख आपके लिए कितना उपयोगी रहा।

पाठक टिप्पणियां

सार्वजनिक टिप्पणियां संपादकीय समीक्षा के बाद दिखाई जाती हैं।

टिप्पणियां लोड हो रही हैं…

क्या यह लेख उपयोगी था?

एक विकल्प चुनें। अतिरिक्त विवरण देना वैकल्पिक है।

लेख में समस्या बताएं

रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती। यह सीधे संपादकीय समीक्षा में जाती है।

आगे पढ़ें

आपके लिए संबंधित लेख

इसी विषय और हाल के घटनाक्रम से जुड़े लेख।

Indian defence leadership - representative file photo for defence cooperation
अंतरराष्ट्रीय संबंध और भू-राजनीति

भारत-वियतनाम रक्षा सहयोग अब संयुक्त उत्पादन की दिशा में

दोनों देश प्रशिक्षण और समुद्री सहयोग से आगे बढ़कर रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन और औद्योगिक साझेदारी की संभावनाएं तलाशेंगे।

ब्रेंट फिर 107 डॉलर के करीब: सऊदी पाइपलाइन बंद, नए हमलों ने तेल आपूर्ति का डर बढ़ाया
अंतरराष्ट्रीय संबंध और भू-राजनीति

ब्रेंट फिर 107 डॉलर के करीब: सऊदी पाइपलाइन बंद, नए हमलों ने तेल आपूर्ति का डर बढ़ाया

सऊदी अरब की East-West pipeline होर्मुज को bypass करने का बड़ा रास्ता है। उसके बंद रहने और Houthi हमलों से global oil market फिर तनाव में है।

होर्मुज से सोमवार को सिर्फ 4 बड़े मालवाहक जहाज गुजरे: युद्ध ने दुनिया की अहम ऊर्जा-नस को लगभग रोक दिया
अंतरराष्ट्रीय संबंध और भू-राजनीति

होर्मुज से सोमवार को सिर्फ 4 बड़े मालवाहक जहाज गुजरे: युद्ध ने दुनिया की अहम ऊर्जा-नस को लगभग रोक दिया

युद्ध से पहले इस मार्ग से रोज करीब 125 बड़े वाणिज्यिक जहाज गुजरते थे। अब जहाजों की आवाजाही तेज़ी से घटी है और तेल-गैस आपूर्ति का जोखिम बढ़ गया है।