दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा, दक्षिण में उत्तर-पूर्व मानसून वर्षा शुरू
IMD के अनुसार 15 अक्टूबर को मौसमी संक्रमण हुआ और तमिलनाडु सहित दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में उत्तर-पूर्व मानसून वर्षा गतिविधि शुरू हुई।
IMD के अनुसार 15 अक्टूबर को मौसमी संक्रमण हुआ और तमिलनाडु सहित दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में उत्तर-पूर्व मानसून वर्षा गतिविधि शुरू हुई।
हिमाचल प्रदेश की यह संस्था कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड, जलवायु-संवेदनशील स्वास्थ्य जोखिम और हिमालयी समुदायों तथा उच्च क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों की जरूरतों का अध्ययन करेगी।
पैकेज में Leh Airport का नया passenger terminal, 298-किमी Nimmu-Padum-Darcha road और भारत का पहला Petroglyph Conservation Park शामिल है।
Thulagi, Lower Barun, Lumding Tsho और Hongu 2 में lake-level reduction, monitoring, early warning और community resilience उपायों को जोड़ा गया है।
कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक reintroduction, habitat management और community participation के जरिए उत्तर बंगाल के इस reserve में natural recovery को मजबूत करना है।
नई योजना नौ तटीय राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में coastal resilience, ecosystem restoration, livelihoods और blue economy को जोड़ती है।
हाई-स्पीड रेल मार्ग पर 28 भूकंपीय सेंसर लगाने की योजना है। तेज झटके दर्ज होते ही प्रणाली ट्रेन की रफ्तार घटाने या उसे रोकने की कार्रवाई शुरू करेगी।
पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो गई है। लेकिन देश के कई हिस्सों में इस मौसम की बारिश अब भी सामान्य से कम है, जबकि पूर्वी भारत में नया मौसम तंत्र भारी बारिश ला सकता है।
43.2 किलोमीटर लंबा मार्ग NH-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा और शहर के भीतर भारी यातायात के लिए वैकल्पिक रास्ता देगा।
नई और विस्तारित टर्मिनल सुविधाओं का लक्ष्य औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ना और परिवहन लागत कम करना है।
कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है। देर की वर्षा कुछ फसलों को लाभ दे सकती है, लेकिन कटाई, शहरी जलभराव और पहाड़ी आपदाओं का जोखिम भी बढ़ाती है।
तेजी से पिघलते हिमनद जल, कृषि, जलविद्युत और आपदा प्रबंधन - चारों पर असर डाल सकते हैं।