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सोना 4,327 डॉलर प्रति औंस के आसपास फिसला, ब्याज दर बढ़ने की आशंका ने दबाव बढ़ाया

भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने में कमजोरी आई, क्योंकि ऊंची ब्याज दरों की उम्मीद गैर-ब्याज देने वाली धातु के लिए दबाव बन रही है।

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सोने की कीमतें सोमवार को नीचे आईं, जबकि पश्चिम एशिया में तनाव और तेल की तेजी जारी रही। रॉयटर्स के मुताबिक हाजिर सोना करीब 0.5 प्रतिशत गिरकर 4,327 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा।

आम तौर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता सोने को सहारा देती है, लेकिन इस बार बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल और ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद विपरीत दबाव बना रही है।

तेल ने समीकरण कैसे बदला

ब्रेंट कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से काफी ऊपर है। महंगी ऊर्जा से महंगाई की आशंका बढ़ती है और केंद्रीय बैंक सख्त मौद्रिक नीति अपनाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

बाजार अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सितंबर बैठक में ब्याज दर बढ़ने की ऊंची संभावना देख रहा है।

ब्याज दरें सोने को क्यों प्रभावित करती हैं

सोना कोई ब्याज या कूपन नहीं देता। जब सुरक्षित सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ता है, तो सोना रखने की अवसर लागत बढ़ जाती है।

चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम में भी कमजोरी देखी गई। आगे सोने की दिशा फेड के संकेत, तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव पर निर्भर करेगी।

स्रोत Reuters ↗
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