नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का लंबे समय से प्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम 17 सितंबर को निवेशकों के लिए खुलने वाला है। रॉयटर्स के मुताबिक प्रति शेयर मूल्य दायरा 1,700 से 1,785 रुपये तय किया गया है।
ऊपरी मूल्य पर एनएसई का मूल्यांकन लगभग 4.42 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
एनएसई को इस निर्गम से नई पूंजी नहीं मिलेगी
यह नए शेयर जारी करने वाला निर्गम नहीं है। मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं, इसलिए प्राप्त राशि सीधे एनएसई की बैलेंस शीट में नहीं जाएगी।
भारतीय स्टेट बैंक, कनाडा पेंशन प्लान निवेश बोर्ड और अन्य निवेशक बिक्री प्रस्ताव में शामिल हैं। कुल बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या पहले की योजना से 15 प्रतिशत से अधिक कम की गई है।
सूचीबद्धता इतनी महत्वपूर्ण क्यों है
एनएसई भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार मंच है और डेरिवेटिव कारोबार में भी उसका बड़ा हिस्सा है। वर्षों की नियामकीय देरी के बाद इसकी सूचीबद्धता पूंजी बाजार शासन के लिए भी महत्वपूर्ण घटना है।
एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर, सार्वजनिक निर्गम 17 से 21 सितंबर और संभावित सूचीबद्धता लगभग 24 सितंबर के आसपास है।




